उज्जैन, 12 अप्रैल 2026।
सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों के सुचारु प्रबंधन के लिए पार्किंग स्थलों तथा घाट तक पहुंच मार्गों की माइक्रो प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले विशाल जनसमूह के लिए व्यवस्था बेहतर और व्यवस्थित बनाई जा सके।
उज्जैन में संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने रविवार को त्रिवेणी स्थित श्री शनि मंदिर के समीप निर्माणाधीन घाट और श्रद्धालुओं के पहुंच मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को इंदौर और देवास की दिशा से आने वाले वाहनों की पार्किंग तथा घाट तक पहुंचने के मार्ग के लिए विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुरूप सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिप्रा नदी पर 29 किलोमीटर लंबे नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त और कलेक्टर ने नमामि शिप्रा परियोजना के अंतर्गत डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया।

इस दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने घाट निर्माण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। संभागायुक्त ने स्थल पर पैदल भ्रमण कर पहुंच मार्ग की स्थिति का भी निरीक्षण किया और यातायात पुलिस सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग और मार्ग निर्धारण के बाद ही घाट पर श्रद्धालुओं के प्रवेश की संरचना तैयार की जाए।
अधिकारियों ने वन विभाग के इको पार्क रोपणी के सामने स्थित सिंहस्थ 2016 में बने वीआईपी घाट का भी निरीक्षण किया और भीड़ तथा यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और वर्षा ऋतु को देखते हुए कार्यों की गति बढ़ाकर समय सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंहस्थ के दौरान शिप्रा घाटों पर प्रति घंटे स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की क्षमता का भी आकलन किया जाए, ताकि भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके साथ ही पार्किंग स्थलों की क्षमता का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि एक समय में कितने वाहन व्यवस्थित रूप से खड़े हो सकेंगे, जिससे भविष्य में भीड़ प्रबंधन आसान हो सके।











