नई दिल्ली 29 अप्रैल।
सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इस वित्त वर्ष में खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल 2042.08 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजातियों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और टॉप क्लास शिक्षा जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य इन वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उनकी शैक्षणिक स्थिति को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में ओबीसी कल्याण योजनाओं के अंतर्गत व्यय में 36.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो शिक्षा सहायता के विस्तार की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।
योजना के आंकड़ों के अनुसार प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में 59.13 प्रतिशत, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में 27.18 प्रतिशत, स्कूल स्तर की टॉप क्लास शिक्षा योजना में 154 प्रतिशत तथा कॉलेज स्तर की टॉप क्लास शिक्षा योजना में 105.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मंत्रालय के अनुसार इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पात्र छात्रों को समय पर और प्रभावी रूप से लाभ मिल सके।










