भोपाल, 02 मई।
बरगी डैम हादसे के बाद नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में क्रूज संचालन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पर्यावरणीय मंजूरी और एनजीटी के आदेशों को लेकर पर्यटन निगम और विशेषज्ञों के बीच मतभेद उभर कर सामने आए हैं।
बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद इस मुद्दे पर गहन चर्चा शुरू हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के अनुसार, जो जलाशय वेटलैंड के रूप में घोषित नहीं हैं, वहां मोटर बोट संचालन किया जा सकता है, बशर्ते इनमें चार-स्ट्रोक इंजन लगे हों और सभी पर्यावरणीय कानूनों का पालन किया जाए। इस संदर्भ में पर्यावरणीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस आदेश का पालन करने के लिए सभी संबंधित विभागों से अनुमतियां और क्लियरेंस लेना जरूरी है।
वहीं, मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के सलाहकार और पूर्व नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम का कहना है कि उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति की आवश्यकता नहीं है। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि जलाशयों में क्रूज संचालन के नियमों को लेकर अभी तक स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं, जिससे विवाद उठ रहा है।
एनजीटी के आदेश के पैरा 131 में यह कहा गया है कि वेटलैंड के रूप में घोषित नहीं की गई झीलों और जल निकायों में चार-स्ट्रोक इंजन वाली नावों का संचालन किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पर्यावरणीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा।










