भोपाल, 02 मई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण के अनुकूल निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। कंक्रीट की बढ़ती संरचनाओं और घटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच इस दिशा में कदम उठाना आवश्यक हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर आयोजित अखिल भारतीय सेमिनार और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की 113वीं गवर्निंग काउंसिल मीटिंग का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उस परंपरा के उत्तराधिकारी हैं जिन्होंने नगर नियोजन के साथ जल संरक्षण की दिशा में अनूठे कदम उठाए थे। राजा भोज द्वारा विकसित भोपाल इसका उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्रीन बिल्डिंग प्रैक्टिसेस पर यह राष्ट्रीय सेमिनार प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों जैसे मांडव में भी आयोजित किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका और लोक निर्माण विभाग की स्मारिका का विमोचन किया। साथ ही, आईआईटी इंदौर और लोक निर्माण विभाग के बीच निर्माण तकनीक पर आधारित एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन बिल्डिंग तकनीक के माध्यम से हम प्राचीन भारतीय निर्माण परंपरा की अद्भुत सौगात को संरक्षित कर सकते हैं।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी इस दिशा में प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों को सराहा और कहा कि सरकार ने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। मंत्री ने विशेषज्ञों से अपील की कि वे कम लागत वाली ग्रीन बिल्डिंग तकनीकों पर काम करें, ताकि आम नागरिक भी इसका लाभ उठा सकें।











