28 मार्च, जम्मू
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शनिवार को सभी दलों के सदस्यों ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की और मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने घटना को गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था में चूक को उजागर किया।
सदन की शुरुआत होते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को जानकारी दी कि उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। अध्यक्ष ने पहले प्रश्नकाल शांतिपूर्वक पूरा कराया और बाद में इस गंभीर विषय पर चर्चा की अनुमति दी।
अध्यक्ष राथर ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव का नोटिस नियमानुसार पहले देना चाहिए था, लेकिन यह पूरे सदन का चिंता का विषय है, इसलिए बिना प्रस्ताव के चर्चा की अनुमति दी जा रही है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरजीत सिंह सलाथिया ने भी चर्चा का समर्थन करते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक प्रभावशाली नेता हैं और इस घटना की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
सदन ने हमलावर को आतंकवादी घोषित करने और घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह से लौटते समय कमल सिंह ने फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाई थी। सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता से हमलावर को तुरंत काबू में लिया गया और उसके पास से रिवॉल्वर बरामद हुई।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सदन के सदस्यों ने सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया।









