28 मार्च, नई दिल्ली।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) में जारी वार्ताओं में उरुग्वे राउंड से पैदा हुए असंतुलन को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सदस्यों को उत्पादक क्षमता बढ़ाने, रोजगार सृजित करने और वैश्विक व्यापार में समान भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
गोयल ने यह भी कहा कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली इस बात की गारंटी दे कि नवाचार, विकास और अवसर सभी डब्ल्यूटीओ सदस्यों के बीच निष्पक्ष रूप से साझा हों। उन्होंने कहा कि भारत रचनात्मक रूप से जुड़कर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि डब्ल्यूटीओ वैश्विक व्यापार में केंद्रीय भूमिका निभाता रहे।
कैमरून के याउंदे में आयोजित 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी 14) में भाग ले रहे गोयल ने साइडलाइन पर कई विश्व नेताओं से भी मुलाकात की। इनमें यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर शामिल हैं। गोयल ने बताया कि उन्होंने डब्ल्यूटीओ एमसी 14 के एजेंडे और भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता के अगले कदमों पर विचार साझा किए, साथ ही आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
उन्होंने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से भी मुलाकात की और भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीके पर विचार विमर्श किया।
गोयल ने न्यूज़ीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्कले से भी बैठक की और हाल ही में संपन्न भारत-न्यूज़ीलैंड एफटीए पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने तथा आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा की।
इसके अलावा उन्होंने मोरोक्को के विदेश व्यापार सचिव ओमर हेजीरी से मुलाकात कर ऐतिहासिक साझेदारी को फिर से पुष्ट किया और निवेश व व्यापार सहयोग को और सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार किया।
पीयूष गोयल ने सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनाडाइन्स के विदेश मंत्री ड्विट ब्रांबले और जमैका की सेनटर व विदेश व्यापार मंत्री कैमिना स्मिथ से भी बातचीत की और द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने के अवसरों की समीक्षा की।












