नई दिल्ली, 18 मार्च।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों के साथ संस्कृत सुभाषित साझा किया और साहस और वीरता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक साहसी व्यक्ति अपने पराक्रम से पूरे विश्व को प्रभावित कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वीरता और पराक्रम ऐसी पूंजी है, जिससे हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। उन्होंने भारत के युवाओं के साहस और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि यही भावना उन्हें आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित भी साझा किया-
"एकेनापि हि शूरेण पादाक्रान्तं महीतलम्।
क्रियते भास्करेणेव स्फारस्फुरिततेजसा।"
इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जैसे सूर्य अपनी तेजस्वी किरणों से पूरी पृथ्वी को प्रकाशित कर देता है, उसी प्रकार एक साहसी और पराक्रमी व्यक्ति अपने तेज, साहस और कर्मों के बल पर पूरे संसार को प्रभावित कर सकता है।










