काठमांडू, 24 अप्रैल
नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी किनारे स्थित बस्तियों को हटाए जाने के सरकारी निर्णय के विरोध में शुक्रवार को व्यापक प्रदर्शन हुआ, जिसमें प्रभावित लोगों के साथ कई अन्य वर्गों ने भी समर्थन जताया।
थापाथली क्षेत्र में बागमती किनारे रह रहे निवासियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने विकास के नाम पर विस्थापन नहीं, अधिकार चाहिए, गरीबों पर अन्याय बंद करो, और पुनर्वास के बिना हटाने का फैसला स्वीकार नहीं जैसे संदेश लिखे प्लेकार्ड प्रदर्शित किए।
राष्ट्रीय जेनजी नागरिक अभियान के सह-संयोजक ने कहा कि उनका संगठन गरीबों के अधिकार और हितों के समर्थन में पूरी तरह साथ खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा डोजर चलाने की धमकी देकर लोगों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि वास्तविक सुकुमबासी और भूमिहीन लोगों के समुचित पुनर्वास एवं व्यवस्था के बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी बीच शनिवार सुबह से बस्तियों को खाली कराने की सूचना के बाद कई लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। भूमिहीन दलित, सुकुमबासी और अनियमित रूप से बसे लोग अपने सामान को अन्य स्थानों पर ले जाने लगे हैं।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह द्वारा शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों को बुलाकर अतिक्रमित बस्तियों को खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद शनिवार और रविवार को काठमांडू घाटी की सुकुमबासी बस्तियों में डोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।











