रायपुर, 25 मार्च 2026।
चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल परिधान नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और त्याग का प्रतीक है, और इसे धारण करने वाले अधिकारियों पर समाज की सुरक्षा और न्याय की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब कोई नागरिक निश्चिंत होकर सोता है या अंधेरे में भयभीत होता है, तो उसकी सुरक्षा और आशा पुलिस से जुड़ी होती है।
उन्होंने उल्लेख किया कि इस बैच के 870 प्रशिक्षु अधिकारी छत्तीसगढ़ की सुरक्षा, शांति और न्याय व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनने जा रहे हैं, और यह उनके व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ पूरे राज्य के विश्वास का प्रतीक है। मंत्री ने राज्य में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद जैसी चुनौतियों पर छत्तीसगढ़ ने प्रभावी नियंत्रण पाया है और अब नई चुनौतियां जैसे साइबर अपराध, संगठित अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलती अफवाहें सामने हैं।
मंत्री ने कहा कि इस बैच में लगभग एक चौथाई महिला प्रशिक्षु हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और समाज में सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की नई पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता, सम्मान और ईमानदारी के साथ कार्य करें।
अग्रवाल ने कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है जो अपनी टीम को साथ लेकर चलता है और संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है, तथा जहां भी उनकी नियुक्ति हो वहां की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाए। उन्होंने स्पष्ट कहा, “डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण कीजिए।”
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहस, ईमानदारी और समर्पण के साथ कर्तव्यों का पालन करने का संदेश दिया।












