कोलकाता, 19 मई।
आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जिसमें पीड़िता की मां द्वारा तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की मांग किए जाने के बाद संजीव मुखर्जी उर्फ ‘काकू’ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है।
याचिकाकर्ता संजीव मुखर्जी ने उच्च न्यायालय का रुख करते हुए दावा किया है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और उनके विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं, जिस पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद उनके आवास में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। अदालत ने उन्हें याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
उल्लेखनीय है कि पीड़िता की मां ने हाल ही में उच्च न्यायालय में नई जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, साथ ही सियालदह अदालत में पूर्व विधायक निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और पानीहाटी नगरपालिका के चेयरमैन सोमनाथ दे की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई थी।
परिजनों का आरोप है कि पीड़िता के परिवार को जानकारी दिए बिना आर.जी. कर अस्पताल से शव को तेजी से हटाकर पानीहाटी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे साक्ष्य नष्ट करने की आशंका जताई गई है।
परिवार का यह भी आरोप है कि संजीव मुखर्जी, जो पीड़िता के घर के पास रहते हैं और इलाके में ‘काकू’ के नाम से जाने जाते हैं, ने शव को तुरंत घर लाने और अंतिम संस्कार कराने के लिए लगातार दबाव बनाया था तथा तृणमूल नेताओं के साथ मिलकर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया ताकि कोई साक्ष्य न बच सके।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार संजीव मुखर्जी उसी क्षेत्र के निवासी हैं और स्थानीय लोग उन्हें ‘काकू’ के नाम से पहचानते हैं, साथ ही दावा किया जा रहा है कि अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
सूत्रों के मुताबिक संजीव मुखर्जी पहले माकपा से पार्षद रह चुके हैं, बाद में चुनाव हारने के बाद लंबे समय तक किसी दल से नहीं जुड़े और वर्ष 2019 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे।






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