नई दिल्ली, 03 अप्रैल 2026।
साधना सप्ताह 2026 के तीसरे दिन का फोकस प्रौद्योगिकी पर केंद्रित रहेगा, जिसमें 4 अप्रैल को विशेषज्ञों द्वारा आयोजित वेबिनार में क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों पर भारत की रणनीति और दृष्टिकोण पर चर्चा होगी। यह कार्यक्रम सरकार और शैक्षणिक जगत के विशेषज्ञों के साथ वैश्विक विशेषज्ञों को जोड़कर शासन सुधार और नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार लाने पर केंद्रित है।
केंद्रीय मंत्रालय और विभाग भी शासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रदर्शित करने के लिए विशेष वेबिनार आयोजित करेंगे। ये सत्र लोक अधिकारियों को नई प्रौद्योगिकियों को समझने और अपनाने में मार्गदर्शन करेंगे, ताकि बेहतर निर्णय-निर्माण और सेवा वितरण को सुनिश्चित किया जा सके।
प्रमुख सत्रों में प्रो. अजय कुमार सूद क्वांटम प्रौद्योगिकी और भारत की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग की भूमिका, भारत के स्वदेशी प्रयास और वैश्विक सहयोग को रेखांकित किया जाएगा।
डॉ. अरविंद गुप्ता डिजिटल अवसंरचना के महत्व पर प्रकाश डालेंगे और यह बताएंगे कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना कैसे समावेशी विकास और अंतिम छोर तक समान पहुंच सुनिश्चित कर रही है।
श्री शांतनु चौधरी सिविल अवसंरचना के पूर्वानुमान आधारित रखरखाव में एआई के उपयोग पर चर्चा करेंगे, जिसमें सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों की निगरानी, रखरखाव लागत में कमी और सुरक्षा में वृद्धि शामिल है।
डीएसी प्रभाग, डाक विभाग डिजिटल एड्रेस प्रणाली पर चर्चा करेगा, जो अद्वितीय और सत्यापन योग्य डिजिटल पतों के माध्यम से डाक सेवाओं और शासन में बदलाव ला रही है, तथा आपातकालीन सेवाओं और वित्तीय समावेशन में भी इसके लाभों को उजागर करेगा।
साधना सप्ताह का यह दिन प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों पर केंद्रित है और भारत में डिजिटल और AI-सक्षम शासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।












