ग्वालियर में तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने कहा कि जनगणना विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य है, जिसे पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे संवैधानिक दायित्व बताते हुए अधिकारियों से पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र में 82 अधिकारी भाग ले रहे हैं, जो प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित करेंगे। उद्घाटन अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, जिला जनगणना अधिकारी अनिल बनवारिया, अपर आयुक्त मुनीष सिकरवार, भोपाल से आए राकेश मीणा एवं मुख्य प्रशिक्षक एसबी ओझा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की सभी शंकाओं का समाधान करें, ताकि आमजन में फैली भ्रांतियां दूर हो सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसे किसी भी साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए नागरिकों को सही जानकारी देने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और निर्वाचन परिसीमन के लिए आधार बनते हैं।
देश में पहली बार डिजिटल जनगणना की जा रही है, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना का अवसर भी दिया गया है। इसके तहत निर्धारित पोर्टल के माध्यम से लोग 34 बिंदुओं पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना और सूचीकरण करेंगे तथा मोबाइल एप पर भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि ग्वालियर जिले में जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण फरवरी 2027 में होगा। उन्होंने बताया कि यह कार्य संविधान के प्रावधानों के तहत अनिवार्य है और सभी नागरिकों को इसमें सहयोग करना होगा।
जिले में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस कार्य में लगाए जाएंगे, जिनमें प्रगणक, पर्यवेक्षक, चार्ज अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त और ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत के सीईओ प्रमुख जनगणना अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। जिले में 10 तहसील, 10 नगर और 589 गांवों को प्रशासनिक इकाई के रूप में शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर एसबी ओझा ने बताया कि “जनगणना-2027” के तहत प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर डाटा संग्रह करेंगे और स्व-गणना के माध्यम से प्राप्त जानकारी का भी सत्यापन करेंगे। इस डाटा की बहुस्तरीय जांच की जाएगी, जिसमें पर्यवेक्षक और चार्ज अधिकारी भी शामिल रहेंगे।
जनगणना के प्रथम चरण में 34 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी, जिसमें मकान की स्थिति, परिवार विवरण, पेयजल, बिजली, शौचालय, ईंधन, संचार साधन, वाहन और खाद्यान्न उपयोग से संबंधित जानकारी शामिल है।










