काठमांडू, 28 मार्च।
सीपीएन यूएमएल ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है और बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में गठित युवा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि नई सरकार ने ओली को गिरफ्तार कर राजनीतिक प्रतिशोध लिया है।
पार्टी ने भविष्य की रणनीति तय करने के लिए आपातकालीन सचिवालय बैठक बुलाई है। सचिव महेश बस्नेत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हालिया घटनाक्रम देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं। उन्होंने गृहमंत्री सुदन गुरूंग की नियुक्ति की भी आलोचना की और उन्हें अनुभवहीन व विवादास्पद बताया।
बस्नेत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी ने राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि यह कदम राजनीतिक प्रतिशोध और पक्षपात को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की रक्षा में विफल रही पुलिस को, नेताओं की गिरफ्तारी के लिए बड़ी संख्या में तैनात किया गया।
उल्लेखनीय है कि ओली और लेखक को आठ और नौ सितंबर 2025 के जेन जी विरोध प्रदर्शन में हुई घटनाओं की जांच के बाद, गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व वाले जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन सरकार की लापरवाही और असावधानी के कारण 19 युवाओं की मौत हुई थी।












