प्रयागराज, 6 जून।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने देशवासियों से राष्ट्र के सामने मौजूद चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समाज को एकजुट होकर विभिन्न चुनौतियों से मुकाबला करना होगा।
प्रयागराज के गौहनिया स्थित वात्सल्य परिसर में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद, अर्बन नक्सलवाद, मतांतरण और बाजारवाद जैसी चुनौतियां देश के समक्ष मौजूद हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समाज और संघ को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले सौ वर्षों से समाज को संगठित और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस दौरान संघ को कई तरह की चुनौतियों और आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन समाज में उसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ी है। इसके बावजूद अभी और अधिक परिश्रम तथा व्यापक जनसहभागिता की आवश्यकता है।
स्वांत रंजन ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए संघ पंच परिवर्तन जैसे विभिन्न अभियानों के माध्यम से कार्य कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपने-अपने क्षेत्र में रहकर राष्ट्र निर्माण और समाज जागरण के कार्यों में योगदान देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि देशभर में संघ शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। इन वर्गों में शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के रूप में तैयार किया जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जगदीश गुलाटी ने कहा कि संघ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवकों से राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान घोष प्रशिक्षणार्थियों ने भारतीय रागों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। शताब्दी वर्ष के प्रतीक "100" पर आधारित विशेष व्यूह रचना, स्वस्तिक, शंख और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में संघ के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए।








