कोलकाता, 06 जून ।
पश्चिम बंगाल में रेल अवसंरचना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया है। प्रस्तावित योजनाओं में दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, 102 अमृत भारत स्टेशन, 61 नई रेल परियोजनाएं, 538 फ्लाईओवर एवं अंडरपास और कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का विस्तार प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन परियोजनाओं को लेकर शनिवार को नबान्न स्थित राज्य सचिवालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा लंबित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली को वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी से जोड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने पर उत्तर बंगाल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। इससे क्षेत्रीय संपर्क के साथ व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 102 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें से 10 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष स्टेशनों पर निर्माण और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही राज्यभर में 538 फ्लाईओवर और अंडरपास विकसित किए जाएंगे, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
रेल मंत्रालय ने 61 नई रेल परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं के माध्यम से करिमपुर, जालंगी, लालगढ़, गोपीबल्लभपुर, नयाग्राम, हीली, सागर द्वीप और सुंदरबन जैसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से इन क्षेत्रों में बेहतर रेल संपर्क की मांग उठती रही है।
कोलकाता मेट्रो विस्तार भी इस बड़े पैकेज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आगामी पांच वर्षों में मेट्रो नेटवर्क के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। साथ ही डानकुनी से सूरत तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसे माल परिवहन और औद्योगिक विकास के लिए अहम माना जा रहा है।
रेल मंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में पश्चिम बंगाल के लिए 14,205 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेल बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं के लिए तय समयसीमा के भीतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान यह भी माना गया कि पूर्व में समन्वय और प्रशासनिक बाधाओं के कारण कई परियोजनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। अब बेहतर तालमेल और स्पष्ट रणनीति के साथ इन योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक से पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो में यात्रा कर यात्रियों से संवाद भी किया। उनकी यह यात्रा और उच्चस्तरीय बैठक राज्य में रेल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।








