रांची, 06 जून।
ऐतिहासिक धरोहर पलामू किला के कायाकल्प की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। किला के जीर्णोद्धार कार्य को जल्द शुरू करने के संबंध में शनिवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने रांची स्थित सरकारी आवास पर पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से अहम चर्चा की। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने परियोजना का पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन पेश कर भविष्य की रूपरेखा साझा की।
पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक स्मारक के कायाकल्प के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। डीपीआर को अंतिम रूप देने के बाद निविदा आमंत्रित की जाएगी। वित्त मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में वर्ष 2028 तक हर हाल में जीर्णोद्धार का कार्य संपन्न करा लिया जाए।
चर्चा के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलामू किला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह किला व्याघ्र अभयारण्य के भीतर स्थित है, जिसका निर्माण वर्ष 1628 में चेरो वंश के राजा प्रताप राय ने करवाया था। इसके बाद 1658 में राजा मेदिनीराय ने एक अन्य नए किले के निर्माण की पहल की थी, जो अधूरा रह गया था।
विधायक रामचंद्र सिंह के साथ मिलकर वित्त मंत्री ने बताया कि जीर्णोद्धार के साथ ही सौंदर्यीकरण और लाइट एंड साउंड शो की योजना भी इसमें शामिल की गई है। साथ ही आदिवासियों के उत्थान और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'ट्राइबल होम स्टे' की अवधारणा भी रखी गई है, जिससे सैलानी प्रकृति की गोद में आदिवासी संस्कृति को करीब से महसूस कर सकेंगे। यह पहल राज्य में पर्यटन मानचित्र पर पलामू को नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।









