भद्रवाह, 6 जून।
भद्रवाह के सरकारी डिग्री कॉलेज में शनिवार को दो दिवसीय चौथे लैवेंडर महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ। "लैवेंडर वैश्विक स्तर पर" विषय पर आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, छात्र, वैज्ञानिक, उद्यमी और आम नागरिक शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर मिशन से आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भद्रवाह ने लैवेंडर खेती के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में इस क्षेत्र की लैवेंडर आधारित झांकी भी प्रदर्शित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि मूल्यवर्धन, कृषि आधारित स्टार्टअप, उद्यमिता और वैश्विक बाजार से जुड़ाव के क्षेत्र में लैवेंडर खेती नई संभावनाएं पैदा कर रही है। स्थानीय युवाओं और किसानों की उपलब्धियां इसकी क्षमता को दर्शाती हैं। साथ ही उन्होंने लैवेंडर पर्यटन के बढ़ते दायरे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से सरकारी डिग्री कॉलेज भद्रवाह को विरासत संस्थान घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क और विकास कार्यों की भी सराहना की।
कार्यक्रम में सीएसआईआर-भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान जम्मू के निदेशक डॉ. जबीर अहमद ने कहा कि भद्रवाह देश की लैवेंडर क्रांति का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि लगभग 5,000 किसान इस अभियान से जुड़ चुके हैं और क्षेत्र का लैवेंडर अपनी गुणवत्ता के कारण पहचान बना रहा है।
महोत्सव में प्रदर्शनी, प्रदर्शन, खरीदार-विक्रेता संवाद, स्टार्टअप प्रस्तुति और लैवेंडर आधारित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लैवेंडर मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।
समारोह के अंत में लैवेंडर खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों, उद्यमियों, मीडियाकर्मियों और अन्य हितधारकों को सम्मानित किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने विश्वास जताया कि नवाचार आधारित कृषि और वैज्ञानिक प्रगति के माध्यम से भद्रवाह भविष्य में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
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