भोपाल, 08 जून।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस ने भारी संख्या में अपने दिग्गज नेताओं और विधायकों की मौजूदगी के साथ शक्ति प्रदर्शन किया।
नामांकन के मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह समेत कई बड़े चेहरे उपस्थित थे। मीनाक्षी नटराजन ने गांधी प्रतिमा को नमन करने के बाद नामांकन सौंपा। उन्होंने इसे विचारधारा की लड़ाई बताते हुए भाजपा की नीतियों पर कड़े प्रहार किए।
भाजपा द्वारा महेश केवट को मैदान में उतारने से प्रदेश की सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भी अब अपनी रणनीति बदल ली है और अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। सभी विधायकों को भोपाल में डटे रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी के भीतर रणनीतिक बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कुणाल चौधरी का दिल्ली जाना भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इसे निजी यात्रा बताया गया है, लेकिन चर्चाएं जोरों पर हैं कि विधायकों को किसी अन्य राज्य में शिफ्ट करने पर भी मंथन किया जा रहा है।
कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने विधायकों को तोड़ने के लिए प्रलोभन दे रही है। डॉ. विक्रांत भूरिया ने दावा किया कि पार्टी हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। वहीं उमंग सिंघार ने भाजपा के प्रत्याशी को केवल एक डमी कैंडिडेट करार दिया है।
दिग्विजय सिंह ने भी भाजपा के मंसूबों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक मजबूती से एक साथ खड़े हैं। पार्टी के अन्य विधायकों ने भी भरोसा जताया है कि मीनाक्षी नटराजन को उम्मीद से अधिक वोट मिलेंगे और जीत कांग्रेस की ही होगी।












