नई दिल्ली, 13 जून।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक बार फिर भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। संगठन ने बैलिस्टिक मिसाइल सुरक्षा के लिए लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं। इन परीक्षणों के जरिए भारत ने मध्यम दूरी पर जहाज-रोधी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बड़ी उपलब्धि पर DRDO को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इन परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों तक को मार गिराने की सुरक्षा क्षमता मौजूद है।
यह मल्टी-लेयर्ड मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुश्मन के विभिन्न खतरों का सामना करने में सक्षम है। परीक्षण के दौरान इंटरसेप्टर मिसाइलों ने अपने लक्ष्य को सटीकता के साथ निशाना बनाया है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि ये सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं, जो भविष्य के मिसाइल खतरों को बेअसर कर सकते हैं। इसके साथ ही, नौसेना की एंटी-शिप मिसाइल का मध्यम दूरी पर पहला परीक्षण भी सफल रहा।










