नई दिल्ली, 13 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए हैं। अपनी रवानगी से पहले उन्होंने बताया कि भारत और फ्रांस के रणनीतिक रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। के अनुसार, वे दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देंगे।
प्रधानमंत्री कल फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष' के तहत हो रहा है। यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेश से जोड़ने और उच्च शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके बाद मोदी नीस से स्लोवाकिया की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह ऐतिहासिक दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की गति को और तेज करेगा। वहां वे ब्रातिस्लावा में स्लोवाकियाई राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको से मुलाकात करेंगे, जिससे यूरोपीय संघ के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।
स्लोवाकिया के बाद, पीएम मोदी फ्रांस के एवियन जाएंगे, जहां वे 16 और 17 जून को जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत का लगातार 8वीं बार इस सम्मेलन में आमंत्रित होना देश की बढ़ती वैश्विक साख और अंतरराष्ट्रीय भरोसे का प्रमाण है।
यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस पहुंचेंगे और राष्ट्रपति मैक्रों के साथ 'विवटेक 2026' में हिस्सा लेंगे। वहां वे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री को पूर्ण विश्वास है कि ये दौरे यूरोप और जी7 देशों के साथ भारत के गहरे जुड़ाव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।










