बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने कई विभागों के दावों की असलियत उजागर कर दी। फाइलों में तो महीनों पहले पेड़ों की कटाई, नालियों की सफाई और बिजली लाइनों की सुरक्षा का काम पूरा हो चुका था। बजट भी खर्च हो गया था और रिपोर्टें भी चमक रही थीं।
लेकिन पहली ही तेज बारिश और आंधी ने कागजी विकास की परत उधेड़ दी। पेड़ वहीं खड़े मिले, नालियां वहीं जाम मिलीं और बिजली व्यवस्था भी पुराने हाल में दिखी। अब लोग कह रहे हैं कि कागजों पर काम जरूर हुआ था, बस जमीन तक पहुंचते-पहुंचते शायद रास्ता भटक गया।












