ब्यावरा, 10 जून।
ब्यावरा में बुधवार को आयोजित एनएसयूआई की बैठक में संगठन के विस्तार, छात्र हित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी ने सामाजिक समरसता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के रामराज्य का मूल उद्देश्य ऐसा समाज स्थापित करना है, जहां सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान मिले तथा किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
उन्होंने भगवान राम और शबरी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की आधारशिला सामाजिक सौहार्द और समानता की भावना पर टिकी है। समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को समान दृष्टि से देखने की सोच विकसित की जानी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए दांगी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आने वाली अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। उन्होंने युवाओं और छात्र संगठनों से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, छात्र समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष चैनसिंह गुर्जर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल दांगी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कपिल शिवहरे, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष शिव दांगी, जनपद सदस्य विष्णु गुर्जर, सरपंच राधेश्याम, ईश्वरसिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।










