नर्मदापुरम, 10 जून।
नर्मदा नदी के पावन तटों की पवित्रता अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से सरकार द्वारा नदी के पांच किलोमीटर के दायरे में पूर्ण शराब बंदी का नियम कड़ाई से लागू किया गया है। इस सख्त कानूनी प्रतिबंध के बावजूद नर्मदापुरम जिले में अवैध शराब खपाने के एक बड़े और सुनियोजित सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस ने मंगलवार की रात्रि एक अत्यंत गोपनीय और त्वरित छापामार कार्रवाई को अंजाम देते हुए बीटीआई नर्मदा मंदिर मार्ग पर रणनीतिक घेराबंदी की, जिसके अंतर्गत एक संदिग्ध कार से 16 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त विवरण के अनुसार, इस बड़ी सफलता का मुख्य आधार एक अत्यंत सटीक और पुख्ता खुफिया इनपुट था। पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि भोपाल की दिशा से आ रही एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार (पंजीयन क्रमांक एमपी 04 जेडएस 8355) में भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब की खेप लोड है, जिसे बीटीआई नर्मदा मंदिर क्षेत्र की तरफ खपाने के लिए लाया जा रहा है। इस विशिष्ट सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम तत्काल सक्रिय हुई और संबंधित मार्ग पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। जैसे ही वह संदिग्ध वाहन निर्धारित स्थान पर पहुंचा, मुस्तैद पुलिस बल ने उसे चारों तरफ से घेरकर अपने नियंत्रण में ले लिया।
सुरक्षा बलों द्वारा जब उक्त वाहन को रोककर उसकी सूक्ष्मता से तलाशी ली गई, तो वाहन की डिक्की के भीतर भारी मात्रा में मदिरा की पेटियां व्यवस्थित रूप से रखी हुई पाई गईं। पुलिस दल ने वाहन से कुल 16 पेटी (180 एमएल के क्वार्टर) अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की। इस खेप में मुख्य रूप से 10 पेटी 'ऑफिसर्स च्वाइस' तथा 6 पेटी 'गोआ' ब्रांड की महंगी शराब शामिल है।
विभाग द्वारा जब्त की गई इस संपूर्ण मदिरा का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 70 हजार रुपये आंका गया है। इस गैरकानूनी परिवहन के आरोप में गिरफ्तार किए गए कार चालक की पहचान गणेश सिंह रघुवंशी के रूप में स्थापित हुई है। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से पटेल नगर, शहडोल का रहने वाला है, परंतु वर्तमान में वह भोपाल के कौशल्या नगर (अवधपुरी क्षेत्र) को अपना ठिकाना बनाकर इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह स्वीकार किया है कि वह इस अवैध खेप को भोपाल से लेकर आया था तथा नर्मदापुरम शहर के प्रतिबंधित क्षेत्रों में इसे ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी। स्थानीय पुलिस प्रशासन अब इस जांच में जुटा है कि जिले के भीतर इस प्रतिबंधित सामग्री की आपूर्ति प्राप्त करने वाले स्थानीय सिंडिकेट के मुख्य सूत्रधार कौन हैं। इस हेतु आरोपी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और परिवहन रूट की सघन पड़ताल की जा रही है।













