मनामा, 10 जून।
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य गतिरोध अब और अधिक आक्रामक मोड़ ले चुका है, जिसकी आंच फारस की खाड़ी स्थित बहरीन तक पहुंच गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि उसने दक्षिणी ईरान पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों की प्रतिक्रिया स्वरूप बहरीन की राजधानी मनामा में अवस्थित अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान मुख्यालय को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमला किया है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने स्पष्ट किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अपने अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने की घटना के प्रतिशोध में दक्षिणी ईरान के सैन्य ठिकानों पर आत्मरक्षार्थ बमबारी की थी।
अंतरराष्ट्रीय संचार माध्यमों से प्राप्त विवरण के अनुसार, ईरान प्रशासन ने किसी भी संभावित बाहरी हमले का सामना करने के लिए अपनी संपूर्ण वायु रक्षा प्रणाली को हाई अलर्ट पर रख दिया है। ईरानी सैन्य सूत्रों ने बुशहर क्षेत्र के ऊपर एक और अमेरिकी हेलीकॉप्टर तथा एक एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इसके साथ ही, ईरान की सर्वोच्च सैन्य परिचालन संस्था खतम अल-अंबिया मुख्यालय ने पुष्टि की है कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के रणनीतिक केंद्र पर यह आक्रामक कार्रवाई की गई है। खतम अल-अंबिया को ईरानी सशस्त्र बलों, पारंपरिक सेना और खुफिया तंत्र के मध्य सामरिक अभियानों के संचालन का सर्वोच्च समन्वय केंद्र माना जाता है।
मनामा स्थित अमेरिकी बेस पर हुए इस हमले में प्रयुक्त ड्रोनों की सटीक संख्या अथवा मिसाइलों के उपयोग के विषय में अभी आधिकारिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। खतम अल-अंबिया द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि यदि अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी संप्रभुता के विरुद्ध किसी भी प्रकार की आक्रामकता की पुनरावृत्ति की गई, तो क्षेत्र में मौजूद समस्त अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर इससे भी अधिक व्यापक और विनाशकारी प्रहार किए जाएंगे। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने अपनी कार्रवाई को पूर्ण बताते हुए कहा है कि अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने का प्रतिशोध ले लिया गया है। इस संवेदनशील विषय पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के समीप क्षतिग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर के दोनों पायलट सुरक्षित हैं, किंतु इस दुस्साहस का परिणाम अत्यंत गंभीर होगा।
इस अप्रत्याशित सैन्य टकराव से ठीक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ एक रणनीतिक समझौते के अंतिम चरण में होने तथा आगामी दो से तीन दिनों में संधि संपन्न होने की संभावना व्यक्त की थी, किंतु वर्तमान घटनाक्रम के पश्चात इस वार्ता के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा गए हैं। इस वैश्विक तनाव के बीच, इजरायल द्वारा लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर निरंतर सैन्य अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसमें टायर शहर पर हुए नवीन हमलों में अनेक नागरिक हताहत हुए हैं। ईरान ने पूर्व में ही यह चेतावनी दी थी कि लेबनान पर होने वाले किसी भी नए इजरायली हमले की दशा में वह मूकदर्शक नहीं रहेगा।
सामरिक विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी वायु सेना और नौसेना के युद्धक विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित ईरानी रडार प्रणालियों और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को नष्ट कर दिया है, जिसके पश्चात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तीव्र जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में आपातकालीन अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है। आईआरजीसी के अनुसार, इस हमले में शहेद-136 वन-वे अटैक ड्रोन का उपयोग कर मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े को निशाना बनाया गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि अमेरिकी सेना के लिए भलाई इसी में है कि वह इस क्षेत्र को तत्काल खाली कर दे।
उल्लेखनीय है कि बहरीन के मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन के नाम से जाना जाता है। यह महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा लगभग 25 लाख वर्ग मील के विशाल समुद्री क्षेत्र की निगरानी करता है, जिसमें फारस की खाड़ी, लाल सागर और हिंद महासागर के रणनीतिक जलमार्ग शामिल हैं। इस कमान का मुख्य उत्तरदायित्व होर्मुज जलडमरूमध्य और स्वेज नहर जैसे संवेदनशील वैश्विक व्यापारिक मार्गों से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति को सुरक्षा प्रदान करना है।














