भोपाल, 10 जून।
मध्य प्रदेश में मुख्य मानसून के आगमन की प्रतीक्षा अभी बनी हुई है, परंतु वर्तमान में सक्रिय प्री-मानसून की गतिविधियां संपूर्ण प्रदेश में अपना व्यापक और जोरदार असर दिखा रही हैं। चालू माह की 1 से 9 जून की अल्पावधि के भीतर ही राज्य में औसतन आधा इंच से अधिक की वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य की तुलना में 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत, मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि इस वर्ष संपूर्ण सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से कुछ कम वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित राज्य के 47 जिलों में इस मुख्य सीजन के दौरान सामान्य के मुकाबले 90 से 95 प्रतिशत तक ही वर्षा होने की उम्मीद है। प्री-मानसून की इस सक्रियता में सर्वाधिक अतिरिक्त बारिश निवाड़ी जिले में दर्ज की गई है, जहाँ सामान्य 1.9 मिलीमीटर के मुकाबले 14.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। यह आंकड़ा सामान्य से 672 प्रतिशत अधिक है।
इसके अतिरिक्त, आगर-मालवा जिले में 8.9 मिलीमीटर के औसत के स्थान पर 43.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो 385 प्रतिशत अधिक है। राजधानी भोपाल में 13.3 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा के स्थान पर अब तक 53.7 मिलीमीटर पानी गिर चुका है, जिसके चलते यहाँ 304 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसी प्रकार मंदसौर में 11.3 मिलीमीटर की तुलना में 49 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जो 334 प्रतिशत अधिक है। नीमच जिले में सामान्य 10.4 मिलीमीटर के मुकाबले 61.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो 493 प्रतिशत अधिक पाई गई। श्योपुर में 6.7 मिलीमीटर की तुलना में 29.9 मिलीमीटर वर्षा के साथ 346 प्रतिशत अधिक पानी गिरा है। इनके साथ ही आलीराजपुर, अशोकनगर, देवास, हरदा, मुरैना, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर जिलों में भी सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तीखी गर्मी का दौर भी जारी, खजुराहो में पारा 46 डिग्री पहुंचा:
एक ओर जहाँ प्रदेश के अनेक अंचलों में प्री-मानसून की बौछारें गिर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में तीव्र गर्मी का प्रकोप भी यथावत बना हुआ है। मंगलवार को छतरपुर जिले के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह विगत आठ वर्षों की अवधि में दूसरी बार है जब यहाँ का पारा इस स्तर तक पहुंचा है। खजुराहो के अतिरिक्त दतिया में 44 डिग्री, राजगढ़, रीवा और टीकमगढ़ में 43 डिग्री, नौगांव में 42.8 डिग्री, सतना में 42.5 डिग्री तथा गुना और मंडला में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के कुल 26 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गया। बड़े महानगरों में ग्वालियर का तापमान 42.8 डिग्री रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।
आज 16 जिलों में वर्षा की चेतावनी:
मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है।
इसके विपरीत भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, panna, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में तीव्र शुष्क गर्मी का प्रभाव देखा जा सकता है।
12 जून को ओलावृष्टि का नया पूर्वानुमान:
मौसम विज्ञान केंद्र ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए पूर्व में 10 और 11 जून के लिए जारी किए गए तीव्र लू (हीटवेव) के अलर्ट को वापस ले लिया है। मौसम विभाग के नए विश्लेषण के अनुसार, आगामी 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि होने की प्रबल आशंका है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश भागों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा होने के आसार बन रहे हैं।














