भोपाल, 10 जून।
राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने उनके नामांकन निरस्तीकरण के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही राज्यसभा की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने का मार्ग लगभग साफ हो गया है।
निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी अंतिम सूची में भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल के नाम शामिल किए गए हैं। दूसरी ओर, रिटर्निंग अधिकारी द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
मामले को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में निर्वाचन आयोग पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शामिल होकर आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि नामांकन निरस्त करने का निर्णय विधिक दृष्टि से उचित नहीं है और जिस आधार पर यह कार्रवाई की गई, उसका स्पष्ट कानूनी औचित्य नहीं बनता।
पार्टी का कहना है कि संबंधित प्रकरण में केवल नोटिस जारी किया गया था तथा किसी प्रकार की आपराधिक दोषसिद्धि नहीं हुई थी। कांग्रेस नेताओं ने आयोग से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं बताया।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आगे भी संघर्ष जारी रखने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने की योजना भी बनाई है। वहीं भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सामूहिक उपवास तथा विरोध प्रदर्शन कर निर्णय के प्रति असहमति जताई।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को राज्यसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद अब भाजपा के तीनों उम्मीदवारों के राज्यसभा पहुंचने की संभावना मजबूत हो गई है।











