नई दिल्ली, 10 जून।
देश के प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर जोरदार हलचल और तेजी देखने को मिलने लगी है। बाजार नियामक सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने विभिन्न सेक्टर्स में काम करने वाली पांच बड़ी कंपनियों को अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए हरी झंडी दिखाते हुए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। नियामक की इस त्वरित मंजूरी के बाद इन कंपनियों के लिए बाजार से पूंजी जुटाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
बाजार नियामक ने जिन पांच अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों को मंजूरी दी है, उनमें इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, एग्रीकल्चर, हॉस्पिटेलिटी, रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर शामिल हैं। इन शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों में हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र की दिग्गज ओयो की पैरेंट कंपनी ऑरवेल स्टेज, रियल एस्टेट क्षेत्र से विगालैंड डेवलपर्स, अफॉर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र से ट्रू होम फाइनेंस, कृषि क्षेत्र से एडवांटा एंटरप्राइजेज और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट का निर्माण करने वाली मेहता हाइटेक इंडस्ट्रीज प्रमुख हैं।
इन सबमें सबसे बड़ा आकर्षण ओयो की मूल कंपनी ऑरवेल स्टेज का है, जो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक मजबूत टेक्नोलॉजी बेस्ड प्लेटफॉर्म का संचालन करती है। यह कंपनी होटल्स, वेकेशन होम्स और अन्य रेसिडेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। सेबी ने इस कंपनी को 6,650 करोड़ रुपये का विशाल आईपीओ लाने की अनुमति दी है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने बिजनेस विस्तार के लिए करेगी और इस निर्गम के माध्यम से अपना कुल वैल्यूएशन बढ़ाकर 66 हजार करोड़ रुपये के पार ले जाना चाहती है। पूर्व में घाटे से जूझने वाली यह कंपनी अब मुनाफे की पटरी पर लौट आई है, जिसके कारण निवेशकों के बीच इसे लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इसके साथ ही केरल की जानी-मानी रियल एस्टेट कंपनी विगालैंड डेवलपर्स को भी आईपीओ के जरिए बाजार से 250 करोड़ रुपये जुटाने की नियामक मंजूरी मिल गई है। इस निर्गम की खास बात यह है कि इसमें केवल नए शेयर ही जारी किए जाएंगे और कोई ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं लाया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने आगामी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को पूरा करने, नए भूखंडों की खरीद और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
नियामक ने अफॉर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र की कंपनी ट्रू होम फाइनेंस को भी 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की हरी झंडी दे दी है। इस निर्गम के तहत 1,500 करोड़ रुपये मूल्य के नए शेयर जारी होंगे, तथा शेष 1,500 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाएंगे। इस ओएफएस के माध्यम से कंपनी का मौजूदा निवेशक मैंगो क्रेस्ट इन्वेस्टमेंट अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचेगा, जबकि नए शेयरों से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने में करेगी।
कृषि समाधान क्षेत्र में काम करने वाली एडवांटा एंटरप्राइजेज को भी आईपीओ लाने की अनुमति मिल गई है, जो पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल के रूप में होगा। इसके तहत मौजूदा प्रमोटर्स और शेयरधारक कुल 3.61 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। यह कंपनी मुख्य रूप से हाइब्रिड बीज और फसल कटाई के बाद की प्रोसेसिंग सुविधाओं के कारोबार से जुड़ी हुई है।
इसी क्रम में इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट बनाने वाली मेहता हाइटेक इंडस्ट्रीज को भी सेबी से मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत कंपनी 62 लाख नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इस राशि का उपयोग कंपनी अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। यह कंपनी मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड लेजर सिस्टम, सीएनसी राउटर, फाइबर लेजर मशीन और डिजिटल प्रिंटर जैसे भारी औद्योगिक उपकरणों के निर्माण का कार्य करती है।









