जिनेवा, 10 जून।
स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 114वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान भारत ने नेपाल और अंगोला सहित कई देशों के साथ श्रम एवं रोजगार सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए नेपाल और अंगोला के समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें कौशल विकास, श्रम गतिशीलता और डिजिटल सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
नेपाल के युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव के साथ हुई बैठक में भारत ने अपनी डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं की सराहना साझा की और “पड़ोसी प्रथम” नीति के तहत नेपाल को एक प्रमुख साझेदार बताया।
दोनों देशों ने कौशल विकास, श्रमिक गतिशीलता और डिजिटल प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति जताई, जिससे रोजगार अवसरों को नई दिशा मिल सके।
अंगोला की लोक प्रशासन, श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री टेरेसा रोड्रिग्स डियास के साथ हुई बातचीत में श्रम, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
अंगोला ने भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म की सराहना करते हुए ज्ञान और तकनीक साझा करने का अनुरोध किया, जिस पर भारत ने तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण का आश्वासन दिया।
इसके अलावा मॉरीशस के श्रम एवं औद्योगिक संबंध मंत्री मुहम्मद रजा कासम उतीम के साथ बैठक में दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-संबंधों पर आधारित मजबूत रिश्तों को और सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।
मॉरीशस ने भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में प्रगति की प्रशंसा की, जबकि भारत ने डिजिटल क्षेत्र में निरंतर सहयोग का भरोसा दिया।
इस दौरान मंत्री करंदलाजे ने फ्रांस, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और कनाडा के श्रम मंत्रियों से भी मुलाकात की, जिसमें कुशल मानव संसाधन के प्रवास, कौशल की पारस्परिक मान्यता और मांग आधारित कौशल विकास पर चर्चा की गई।










