मास्को, 10 जून।
ईरान ने खाड़ी के देशों को कड़ी चेतावनी जारी की है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यदि पड़ोसी मुल्क अमेरिका को उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपने क्षेत्र या ठिकानों का इस्तेमाल करने देते हैं, तो इसका परिणाम उन्हें भुगतना होगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे किसी भी सूरत में चुप नहीं बैठेंगे। यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह का आक्रामक कदम उठाया गया, तो ईरान अपनी आत्मरक्षा में उन तमाम ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाएगा जहां से हमले का समर्थन या संचालन किया जा रहा है।
मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन बताया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए अब संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद की जिम्मेदारी बनती है कि वे इन उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगाएं।
गौरतलब है कि ओमान के तट पर एक अमेरिकी एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद यह तनाव बढ़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इसे ईरान ने गिराया है, जिसके जवाब में अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरानी वायु रक्षा प्रणाली और रडार ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।










