नई दिल्ली, 10 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जब कार्यों और निर्णयों के केंद्र में ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना होती है, तब कोई भी फैसला कठिन नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानकर सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था, लेकिन वे देश के सुरक्षित और मजबूत भविष्य के लिए आवश्यक थे।
भारत मंडपम में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूत विकास दर बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति दर्ज की है और यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 हटाने, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूर्वोत्तर राज्यों में शांति बहाली का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जिन विषयों पर निर्णय लेने से परहेज किया जाता था, उन पर सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कदम उठाए। उन्होंने कहा कि देश ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी क्षमता और संकल्प को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया है।
उन्होंने मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को करमुक्त करने सहित कई उपाय किए गए हैं। साथ ही बुनियादी ढांचे के विस्तार और पारदर्शी कर व्यवस्था ने आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन, डेटा सेंटर और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मजबूती से जुड़ा विषय है। इसी सोच के साथ सरकार इन क्षेत्रों में मिशन मोड पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्ष सरकार और समाज की साझेदारी के रहे हैं। स्वच्छता अभियान, डिजिटल भुगतान और कोरोना महामारी के दौरान जनसहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देशवासियों ने हर चुनौती में सरकार का साथ दिया है और यही विश्वास आगे की विकास यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है।
ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 500 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य, सौर ऊर्जा विस्तार और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में हो रही प्रगति को भविष्य के भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। उन्होंने कहा कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक में मिली सफलता देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।











