देहरादून, 10 जून।
उत्तराखंड में मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विधानसभा निर्वाचन नामावली का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' अभियान पूरे राज्य में शुरू कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और उन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए प्रदेश स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक विशेष कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क सक्रिय कर दिए गए हैं।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता या शिकायत दर्ज कराने के लिए नागरिक टोल-फ्री नंबर 1950 पर कभी भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों के माध्यम से भी मतदाता सीधे सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग ने तकनीक के माध्यम से सुलभता बढ़ाने के लिए वेबसाइट voters.eci.gov.in पर ‘बुक अ कॉल विद बीएलओ’ (बीएलओ) नामक एक नई सुविधा पेश की है। जो मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी से बात करना चाहते हैं, वे इस वेबसाइट पर जाकर अपना वोटर आईडी नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर सकते हैं, जिससे उन्हें बीएलओ से संपर्क करने में आसानी होगी।
इस पुनरीक्षण अभियान के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आमजन को साइबर धोखाधड़ी के प्रति भी सचेत किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्वाचन आयोग या उसका कोई भी अधिकृत अधिकारी कभी भी किसी नागरिक या बीएलओ से 'ओटीपी' (ओटीपी) की मांग नहीं करता है। अतः किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा न करें। अंत में, निर्वाचन विभाग ने राज्य के सभी नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।









