भुवनेश्वर, 10 जून।
ओडिशा में मानसून की दस्तक और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अपनी तैयारियों को चाक-चौबंद कर दिया है। विभाग ने राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी कर्मी उच्चाधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर नहीं जाएगा।
यह कठोर निर्णय विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में बाढ़ प्रबंधन, नदी तटबंधों की मजबूती, जलाशयों का सुचारू संचालन और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया। विभाग ने सभी फील्ड अधिकारियों को पूरे बाढ़ सीजन के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फील्ड पर उपस्थित होने का आदेश दिया है।
प्रभावी निगरानी के लिए राज्य भर के सभी डिवीजनों, सर्किलों और मुख्यालय स्थित राजीव भवन में 31 अक्टूबर तक फ्लड कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे, जो 24 घंटे कार्य करेंगे। साथ ही, जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को संवेदनशील तटबंधों पर विशेष नजर रखने और जलाशय प्रबंधन के लिए निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है। बाढ़ नियंत्रण कार्यों में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









