कोलकाता, 10 जून।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राजधानी कोलकाता के विभिन्न व्यस्त और प्रमुख मार्गों पर लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने महानगर के 14 चुनिंदा रूटों पर सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में किए गए एक विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण और यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
दरअसल, राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त सरकारी बस सेवा के बाद से कई रूटों पर महिला यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय और भारी वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष बात यह है कि अब केवल पीक ऑवर्स (कार्यालय समय) ही नहीं, बल्कि दिन के अन्य समय में भी बसों में अत्यधिक भीड़ और मारामारी देखी जा रही है। यात्रियों की इसी बढ़ती संख्या और असुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने पहले चरण में कई महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों पर अतिरिक्त बसें उतारने का फैसला किया है।
विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर जिन प्रमुख रूटों पर तत्काल प्रभाव से बसों के फेरे और संख्या बढ़ाई गई है, उनमें उल्टाडांगा-इको स्पेस (न्यू टाउन), इको पार्क-हावड़ा स्टेशन, उल्टाडांगा-सेक्टर फाइव, जादवपुर-करुणामयी, रथतला-हावड़ा स्टेशन, उल्टाडांगा-रूबी, हावड़ा स्टेशन-गड़िया, हावड़ा स्टेशन-एयरपोर्ट तथा रूबी-हावड़ा मुख्य मार्ग शामिल हैं। सर्वेक्षण की रिपोर्ट में यह स्पष्ट पाया गया कि कई रूटों पर महिला यात्रियों की तादाद इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि सामान्य यात्रियों को बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान समय में समूचे राज्य के भीतर कुल 368 रूटों पर 1,783 सरकारी बसों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुगम तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए परिवहन विभाग ने अगले छह महीनों के भीतर बेड़े में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें (ई-बसों) भी शामिल करने की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।
दूसरी ओर, इस कल्याणकारी योजना के बीच कुछ इलाकों से गंभीर शिकायतें भी सामने आई हैं। कुछ महिला यात्रियों का आरोप है कि मुफ्त यात्रा सुविधा लागू होने के कारण कई सरकारी बस चालक महिला यात्रियों को बस स्टॉप पर खड़ा देखकर भी गाड़ियां नहीं रोकते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ यात्रियों ने यह भी शिकायत की है कि बसों में अंदर सीटें खाली होने के बावजूद बसें तय स्टॉपेज पर बिना रुके आगे निकल जाती हैं। इन बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने ऐसे लापरवाह बस कर्मचारियों पर कड़ी निगरानी बढ़ाने और दोषी पाए जाने पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया है।









