अमृतसर, 10 जून।
पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व को लेकर सिख श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना हुआ है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की देखरेख में अटारी-वाघा सीमा से गुजरते समय श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखा।
इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए पाकिस्तान ने कुल 737 वीजा जारी किए हैं। एसजीपीसी ने 561 पासपोर्ट भेजे थे, जिनमें से 541 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति मिली है। 14 साल बाद यह विशेष जत्था पाकिस्तान के गुरुद्वारों में नतमस्तक होगा।
दोनों देशों के बीच नानकशाही कैलेंडर को लेकर पहले असहमति थी, लेकिन आपसी सुलह के बाद इस यात्रा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब आपसी सहमति से कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे श्रद्धालु ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।
धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल के अनुसार, जत्था भूपिंदर सिंह भलवान के नेतृत्व में अपनी यात्रा पूरी करेगा। इसमें गुरमीत सिंह बाहू उप-आगू के रूप में शामिल हैं। यह जत्था ननकाना साहिब, पंजा साहिब और करतारपुर साहिब सहित कई प्रमुख स्थलों पर माथा टेकेगा।
यात्रा के दौरान जत्था विभिन्न गुरुधामों की यात्रा करते हुए 16 जून को गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब पहुंचेगा, जहां श्री अखंड पाठ साहिब का आयोजन होगा। 18 जून को शहीदी समागम में भाग लेने के बाद श्रद्धालुओं का जत्था 19 जून को वापस भारत लौटेगा।
श्रद्धालुओं में कई ऐसे लोग भी हैं जिनके पैतृक गांव पाकिस्तान में हैं। मोगा निवासी मेजर सिंह और समाजसेवी लखविंदर सिंह लखा सलेमपुरी जैसे श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा अरदास पूरी होने जैसा अहसास लेकर आई है।










