अनूपपुर, 10 जून।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक की दो छात्राओं को कथित तौर पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और एआई तकनीक से तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियो के जरिए बदनाम करने का मामला सामने आया है। छात्राओं का आरोप है कि उनकी पूर्व रूममेट ने व्यक्तिगत विवाद के बाद उन्हें निशाना बनाते हुए उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामग्री प्रसारित की।
पीड़ित छात्राओं के अनुसार हॉस्टल में कमरा नहीं मिलने पर उन्होंने कैंपस के बाहर एक अन्य छात्रा के साथ किराये पर कमरा लिया था। कुछ समय बाद आपसी विवाद के चलते वह छात्रा कमरा छोड़कर चली गई। छात्राओं का आरोप है कि जाते समय उसने उन्हें बदनाम करने की धमकी भी दी थी। इसके बाद उनके नाम से कथित रूप से फर्जी प्रोफाइल बनाए गए और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जाने लगी।
छात्राओं ने दावा किया कि उन्होंने मामले से जुड़े प्रमाणों के साथ कई बार पुलिस से संपर्क किया, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि शिकायत देने के बावजूद उन्हें विभिन्न स्तरों पर इंतजार करना पड़ा और लगातार मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब पीड़ित छात्राओं ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरी जानकारी दी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके पश्चात पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी छात्राओं को प्राप्त हुई।
छात्राओं का कहना है कि वे फिलहाल विश्वविद्यालय नहीं लौटी हैं और आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तथा इंटरनेट से संबंधित फेक अकाउंट और आपत्तिजनक सामग्री हटाए जाने के बाद ही वापस जाने पर विचार करेंगी। उनका कहना है कि इस कठिन समय में परिवार ने उनका पूरा साथ दिया है।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया कि छात्राओं की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की पुलिस जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












