नई दिल्ली, 13 जून।
पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा और कस दिया है। एजेंसी ने टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े सात अलग-अलग ठिकानों पर अचानक छापेमारी की है।
जांच में खुलासा हुआ है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितताएं बरती गई थीं। आरोप है कि मदन मित्रा ने बिचौलियों के जरिए रिश्वत के तौर पर नकद और सोना वसूला था। यह खेल मुख्य रूप से कमरहाटी नगरपालिका से जुड़ा हुआ है।
ईडी का कहना है कि विधायक की संलिप्तता वाली 125 से अधिक अवैध नियुक्तियां सामने आई हैं। इन नौकरियों को देने के लिए सभी नियमों और पात्रता मानकों को ताक पर रख दिया गया था।
फिलहाल, टीम वहां से जब्त किए गए अहम दस्तावेजों और सबूतों की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में अभी और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
मामले में धन शोधन के पहलुओं पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है। ईडी की इस सख्त कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।










