देहरादून, 13 जून।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड के दौरान युवा सैन्य अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना को भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार और अनुकूलनशील रहना होगा।
चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर 481 जेंटलमैन कैडेट्स के पासिंग आउट समारोह की समीक्षा करते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें राष्ट्र सेवा के संकल्प की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कठिन प्रशिक्षण के बाद अधिकारी बने इन युवाओं की सबसे बड़ी ताकत उनका साहस और विवेक ही है।
राष्ट्रपति ने नौ महिला कैडेट्स की भागीदारी को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने इसे महिला नेतृत्व और भारत की प्रगति का एक प्रेरक उदाहरण बताया। उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में और अधिक महिलाएं सैन्य नेतृत्व में अहम भूमिका निभाएंगी।
विदेशी कैडेट्स को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनका यहाँ प्रशिक्षण लेना भारत के साथ अन्य देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करता है। आईएमए के वीरता और विवेक के आदर्श वाक्य को उन्होंने हर अधिकारी के जीवन का मुख्य मार्गदर्शक बताया।
अधिकारियों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि सैन्य नेतृत्व केवल आदेश देना नहीं, बल्कि करुणा और चरित्र का संगम है। उन्हें अपने सैनिकों की देखभाल करते हुए उनके लिए एक उदाहरण बनना होगा। राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना ही उनका सर्वोच्च कर्तव्य है।











