प्योंगयांग, 14 जून।
उत्तर कोरिया ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के सुरक्षा सहयोग पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्योंगयांग ने इसे परमाणु टकराव को बढ़ावा देने वाला एक सामूहिक गठबंधन बताया है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि इस तरह के कदमों से क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ रहा है।
देश ने दोटूक शब्दों में कहा कि एक परमाणु-हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में उनकी हैसियत अब पूरी तरह अपरिवर्तनीय हो चुकी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है और इसे भविष्य में कभी बहाल नहीं किया जाएगा।
अपने रुख को दोहराते हुए प्योंगयांग ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लगातार परमाणु खतरों का दिखावा कर रहा है। उत्तर कोरिया का दावा है कि वह अपने बचाव के लिए परमाणु ढाल विकसित करने के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहा है।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि उनकी सैन्य तैयारियां देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं। दुश्मन देशों के बढ़ते दबाव को देखते हुए उत्तर कोरिया ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी तकनीकी और सैन्य क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की चेतावनी दी है।








