भोपाल, 17 जून।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून से 22 जून तक पांच दिनों के मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान उनका कार्यक्रम इंदौर, बैतूल, खंडवा जिले के ओंकारेश्वर, जबलपुर, ग्वालियर और श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में निर्धारित है। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में वे सहभागिता करेंगी।
18 जून को राष्ट्रपति इंदौर पहुंचेंगी। इसके बाद वे बैतूल में ब्रह्माकुमारी संस्थान के "एम्पावरमेंट ऑफ ट्रायबल सोसायटी बाय स्पिरिचुअल अवेकनिंग" कार्यक्रम में शामिल होंगी। वहीं ओंकारेश्वर पहुंचकर मंदिर में दर्शन और आरती में भी भाग लेंगी।
19 जून को अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति की उपस्थिति रहेगी। इसके अगले दिन 20 जून को वे जबलपुर पहुंचेंगी।
21 जून को राष्ट्रपति अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद वे रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में सहभागिता करेंगी।
22 जून को राष्ट्रपति कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी। इसके बाद वे ग्वालियर पहुंचकर नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित मध्यप्रदेश दौरे के दौरान राज्य शासन ने विभिन्न स्थानों पर अगवानी और विदाई के लिए मंत्रियों को मिनिस्टर-इन-वेटिंग नामित किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार इंदौर में 18 जून को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट अगवानी करेंगे, जबकि 19 जून को विदाई की जिम्मेदारी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी गई है। बैतूल में 18 जून को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल अगवानी और विदाई दोनों दायित्व निभाएंगे।
खंडवा के ओंकारेश्वर में 18 और 19 जून को संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी को जिम्मेदारी दी गई है। जबलपुर में 20 और 21 जून को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा राष्ट्रपति की अगवानी और विदाई करेंगे।
श्योपुर में 21 और 22 जून को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला तथा ग्वालियर में 21 और 22 जून को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को मिनिस्टर-इन-वेटिंग नियुक्त किया गया है।














