अनूपपुर, 17 जून।
जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्माण एवं अन्य विभागों के अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक उपायों को समयबद्ध ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ओवरलोडिंग वाहनों पर निगरानी बढ़ाने और नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया।
कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को सक्रिय, जवाबदेह और समन्वित तरीके से कार्य करना होगा। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी जानकारी ली गई।
बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर हर्षल पंचोली ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रगति, दुर्घटना नियंत्रण उपायों और जनजागरूकता कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने कहा कि सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को यातायात नियमों के पालन और हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के संबंध में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए नागरिकों का यातायात नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। वाहन चालकों से हेलमेट का नियमित उपयोग करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी अनिवार्यता नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का महत्वपूर्ण साधन भी है।
बैठक में यातायात विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में पूर्व में चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य पूर्ण होने और दुर्घटनाओं में कमी आने के बाद उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल चार ब्लैक स्पॉट शेष हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिले में 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं में 232 लोग घायल हुए हैं तथा 71 लोगों की मृत्यु हुई है। आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।














