नागदा, 17 जून।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद सरयू तट पर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और पांच शताब्दियों से चला आ रहा संघर्ष पूर्णता तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष चित्रकूट में व्यतीत किए थे और इसी कारण राज्य सरकार लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट धाम के विकास का कार्य करा रही है। प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, उन्हें श्रीराम वन गमन पथ के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री बुधवार को उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में विकसित करने का कार्य भी जारी है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 के सफल और भव्य आयोजन को ध्यान में रखते हुए हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। उज्जैन, इंदौर तथा आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत विकास को गति मिली है। उन्होंने जानकारी दी कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में अब धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है। साथ ही बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री वॉल और पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानवीय मूल्यों और आदर्शों का प्रेरक उदाहरण है। वे त्याग, कर्तव्य और मर्यादा के प्रतीक थे तथा एक आदर्श पुत्र, भाई और पिता के रूप में समाज को दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि रामराज्य की भावना के अनुरूप राज्य सरकार गरीबों, किसानों और महिलाओं के सशक्तीकरण के माध्यम से अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का संपूर्ण जीवन प्रभु श्रीराम की सेवा और समर्पण का उदाहरण है तथा समाज को उनके गुणों को आत्मसात करना चाहिए।
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने भगवान गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना लागू की गई है, जिसमें 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की व्यवस्था भी की गई है।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने कहा कि डेलनपुर में भव्य मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि विश्व कल्याण और शांति की दिशा में आज पूरी दुनिया सनातन धर्म की ओर उम्मीद भरी दृष्टि से देख रही है। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया ने श्री बालाजी धाम के निर्माण और इसके विस्तार संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।














