गुवाहाटी, 17 जून।
असम के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक अंबुबाची मेले को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन को इस बार करीब आठ लाख श्रद्धालुओं और आगंतुकों के पहुंचने की संभावना है।
पर्यटन मंत्री अजंता नेओग ने बुधवार को बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए तीन बड़े शिविर बनाए गए हैं। आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से सड़कों की मरम्मत और पुनर्सतहीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण और सूचना प्रसारण के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए खाद्य निरीक्षकों की तैनाती की गई है। मंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक असम में लगभग 85 लाख घरेलू और 42 हजार विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती रुचि का संकेत है।
गुवाहाटी के पुलिस उपायुक्त (यातायात) जयंत सारथी बोरा के अनुसार, मेले के दौरान नर्सरी प्वाइंट के आगे केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी। खाद्य सामग्री लेकर आने वाले वाहन रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक संचालित किए जा सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु मार्ग और सोनाराम स्कूल मैदान से फेरी सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू रहेगा और सड़क किनारे वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था भी निर्धारित की है।
पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव दिगंत बोरा ने बताया कि श्रद्धालु सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक कामाख्या मंदिर की ओर जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि शराब या अन्य मादक पदार्थों के प्रभाव में पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को जूते-चप्पल उतारने होंगे। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने भरोसा जताया है कि सभी व्यवस्थाएं मेले के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन में सहायक सिद्ध होंगी।














