रोहतास , 17 जून।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने बुधवार को रोहतास जिले के इंद्रपुरी क्षेत्र स्थित जमुहार में संचालित खादी प्राकृतिक पेंट निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया को करीब से देखा और इकाई से जुड़े उद्यमियों तथा लाभार्थियों से बातचीत कर उनके अनुभवों की जानकारी प्राप्त की।
जानकारी के अनुसार यह इकाई वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत उद्यमी सुमन सौरभ द्वारा स्थापित की गई थी। यहां गोबर आधारित प्राकृतिक और पर्यावरण हितैषी पेंट का निर्माण किया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इकाई में तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वरोजगार योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को नई दिशा दे रही हैं। उनका कहना था कि इस तरह की परियोजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इसके बाद मंत्री मांझी ने उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं, विशेष रूप से पीएमईजीपी योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, लक्ष्य पूर्ति और लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन और अधिकाधिक पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वरोजगार और लघु उद्योगों को प्रोत्साहित कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाना है।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि रोहतास जिला प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 177 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर चुका है। इस प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने विशेष रूप से इस उपलब्धि पर खुशी जताई कि पीएमईजीपी के अंतर्गत रोहतास जिले को राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर उद्योग विभाग के महाप्रबंधक आशीष रंजन को बधाई देते हुए उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के राज्य निदेशक, योजना के लाभार्थी, स्थानीय उद्यमी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।














