एवियन, 17 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र अंतिम रूप देकर लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान नेताओं ने माना कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध और मजबूत बनाने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में इस समझौते को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया।
नेताओं ने जनवरी 2026 में स्वीकृत भारत-ईयू व्यापक रणनीतिक एजेंडा के तहत हुई प्रगति की समीक्षा भी की। इस दौरान इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि रणनीतिक एजेंडा के प्रभावी क्रियान्वयन से भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को नई मजबूती मिलेगी तथा दोनों पक्षों को दीर्घकालिक और परिवर्तनकारी लाभ प्राप्त होंगे।
बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया। साथ ही शांति, स्थिरता, समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
चर्चा के दौरान इस बात पर भी बल दिया गया कि भारत और यूरोपीय संघ दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक और खुले बाजार आधारित साझेदारों में शामिल हैं। दोनों पक्षों के संबंध आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य को लेकर समान दृष्टिकोण पर आधारित हैं।
नेताओं ने जनवरी 2026 में भारत में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के बाद द्विपक्षीय संबंधों में आई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को लेकर हाल में हुई बातचीत के सफल समापन को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
बैठक में दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।














