कोलकाता, 18 जून।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) और पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का लक्ष्य पुलिस बल की परिचालन क्षमता और संस्थागत तैयारी को आधुनिक बनाना है।
समझौते के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस के 100 कर्मियों को आगामी 15 दिनों के भीतर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बढ़ते तकनीक आधारित अपराधों के मद्देनजर साइबर जांच, साइबर अपराध नियंत्रण और डिजिटल सुरक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाना है।
यह सहयोग पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली के आधुनिकीकरण, पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देने तथा शिक्षा, अनुसंधान और ज्ञान-साझाकरण जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के कर्मियों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े समकालीन प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
कोलकाता में आयोजित प्रेस वार्ता में आरआरयू के अधिकारियों ने इस समझौते के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल विशेष पुलिस प्रशिक्षण और संयुक्त अनुसंधान को नई दिशा देगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि आरआरयू राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पुलिसिंग, आपराधिक न्याय, साइबर सुरक्षा, न्यायिक विज्ञान और सामरिक अध्ययन जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता, क्षेत्रीय प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुसंधान के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का निर्माण करना है।
गुजरात के गांधीनगर स्थित मुख्य परिसर के साथ-साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में इसके केंद्र कार्यरत हैं, जहां पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
विश्वविद्यालय नेतृत्व ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी आधुनिक, जवाबदेह और ज्ञान-आधारित पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करेगी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को और सुदृढ़ बनाएगी।
















