भोपाल, 18 जून।
राजधानी भोपाल में कांग्रेस का ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ गुरुवार को भी रोशनपुरा चौराहे पर जारी रहा, जिसमें राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कई सवाल उठाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े मामलों में चढ़ावे की राशि और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि श्रद्धा और आस्था से जुड़े इस विषय की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संबंध राम मंदिर ट्रस्ट से है तो इस पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, क्योंकि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की भूमिका में पारदर्शिता आवश्यक है।
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है और इस निर्णय के खिलाफ न्याय की मांग की जा रही है। पार्टी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से चरखा चलाकर विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में मीनाक्षी नटराजन, वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि नामांकन निरस्त किए जाने का आधार तेलंगाना के एक न्यायालय में लंबित मामले से संबंधित जानकारी कथित रूप से प्रस्तुत न किया जाना बताया गया था। इसके बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की, लेकिन राहत न मिलने पर पार्टी ने सत्याग्रह और जनजागरण अभियान शुरू किया है।
















