रायपुर, 18 जून।
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार कर लिया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
अधिकारियों के अनुसार पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को रायपुर स्थित विशेष ईओडब्ल्यू/एसीबी अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 जून से 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी गई है। इस दौरान उनसे अवैध संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक भागीरथ वर्मा 2019 से 2023 तक मुख्य अभियंता पद पर तैनात रहे, इस दौरान उन पर निविदा कार्यों के आवंटन के बदले अवैध रिश्वत मांगने और अनुचित लाभ पहुंचाकर चहेते ठेकेदारों को फायदा देने के गंभीर आरोप हैं।
शिकायतों में यह भी सामने आया है कि राज्य शहरी विकास अभिकरण और नगर पालिक निगम भिलाई में पदस्थापना के दौरान विकास कार्यों के बजट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई, तथा कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए या घटिया निर्माण के बावजूद फर्जी मूल्यांकन कर भुगतान जारी किया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में एजेंसियों ने रायपुर, बिलासपुर और मध्यप्रदेश के उज्जैन सहित कुल आठ स्थानों पर छापेमारी की, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और करोड़ों की अवैध संपत्ति से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच के बाद 15 जून 2026 को मामला दर्ज किया गया था। एजेंसियां अब आरोपों से जुड़े अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही हैं।
















