चंदेरी, 23 जून।
चंदेरी में लंबे समय से प्रतीक्षित 50 बिस्तर सिविल अस्पताल निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। अस्पताल उन्नयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने अस्पताल परिसर में संचालित अन्य विभागीय कार्यालयों को वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।
वर्ष 2019 में स्वीकृत इस परियोजना के लिए वर्तमान अस्पताल परिसर का चयन किया गया है। हाल ही में क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर प्रवास के दौरान अस्पताल निर्माण कार्य को मौजूदा परिसर में ही शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई तेज कर दी गई।
निर्देशों के तहत जनपद पंचायत कार्यालय को मुंगावली रोड स्थित बीएसएनएल कार्यालय के पास बने छात्रावास भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं कृषि विभाग कार्यालय को राजघाट रोड स्थित कुमकुम तलैया के समीप बीआरसी भवन में शिफ्ट किया गया है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर और डेनिडा कॉलोनी के आवासीय क्वार्टर खाली कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
चंदेरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरों से बढ़ाकर 50 बिस्तर सिविल अस्पताल बनाने की स्वीकृति वर्ष 2019 में मिली थी। इसके लिए वर्ष 2023 में करीब 11 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की गई थी, लेकिन स्थान चयन से जुड़ी प्रक्रिया के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था।
अब निर्माण की राह प्रशस्त होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि अस्पताल का विस्तार तभी सार्थक होगा, जब यहां निश्चेतना विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ, औषधि विशेषज्ञ और अन्य आवश्यक चिकित्सकों की पदस्थापना की जाए।
वर्तमान में अस्पताल में प्रसूति एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि कई स्वीकृत विशेषज्ञ पद अब भी रिक्त हैं। नागरिकों का मानना है कि चंदेरी एक महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र होने के साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों का भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, इसलिए यहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
प्रशासन के अनुसार अस्पताल उन्नयन से जुड़ी अधिकांश प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। कुछ आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।










