जबलपुर, 23 जून।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चल रहे राहुल गांधी और कार्तिकेय चौहान से जुड़े मानहानि प्रकरण की सुनवाई के दौरान समझौते की दिशा में प्रगति के संकेत सामने आए हैं। मंगलवार को न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ने की जानकारी अदालत को दी गई।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि पक्षकारों के बीच समझौते की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अधिवक्ता ने कहा कि समझौते की प्रक्रिया पूरी होने के लिए अब केवल औपचारिक हस्ताक्षर शेष हैं।
राहुल गांधी की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि भोपाल स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें 25 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। समझौते की शेष औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अदालत से 10 से 12 दिन का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध भी किया गया।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के पक्ष ने विवादित बयान को लेकर अपना पक्ष भी रखा। अधिवक्ता ने दलील दी कि जिस टिप्पणी को आधार बनाकर यह मामला दर्ज किया गया, उसका संबंध मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान से नहीं था। उनके अनुसार वह टिप्पणी छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री और उनके पुत्र के संदर्भ में की गई थी।
हालांकि, इस दलील पर न्यायालय की ओर से फिलहाल कोई अंतिम टिप्पणी या आदेश जारी नहीं किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की बात सुनी और प्रस्तुत दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लिया।
गौरतलब है कि यह मानहानि मामला राहुल गांधी के एक कथित बयान से जुड़ा हुआ है। इस बयान को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया था कि इससे उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। शिकायत के आधार पर भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में प्रकरण दर्ज किया गया था और राहुल गांधी को समन जारी हुए थे।
इसके बाद राहुल गांधी ने समन आदेश और उससे संबंधित न्यायिक प्रक्रिया को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था। फिलहाल मामले में समझौते की संभावनाओं के बीच आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।









