भोपाल, 23 जून।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को प्रदेशभर में भाजपा द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय परिसर तथा अरेरा मंडल के बूथ क्रमांक-159 पर स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि उनके विचार और त्याग आज भी देश को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं तथा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विभाजन के दौर में पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से को पाकिस्तान में शामिल करने के प्रयासों का डॉ. मुखर्जी ने मजबूती से विरोध किया था। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण का सपना डॉ. मुखर्जी के प्रमुख संकल्पों में शामिल था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के साथ उस संकल्प को मूर्त रूप मिला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास की विचारधारा को आज देशभर में व्यापक समर्थन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों, समुदायों और सामाजिक संगठनों से सुझाव लेकर व्यापक जनसंवाद किया गया है। प्राप्त सुझावों के आधार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, वैचारिक राजनीति और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने जिस वैचारिक आधार की शुरुआत की थी, वही आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुई।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में अलग व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी का संघर्ष उनकी अटूट राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक था। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के माध्यम से डॉ. मुखर्जी को नमन किया और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।









